रेवाड़ी का पायलट सिद्धार्थ जगुआर क्रैश में शहीदः साथी बचाया;

10 दिन पहले हुई सगाई , 4 दिन पहले ड्यूटी पर गया था ; इकलौते बेटा था
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2025-04-03 22:10:19

रेवाड़ी। गुजरात के जामनगर में बुधवार को भारतीय वायुसेना के जगुआर लड़ाकू विमान क्रैश में रेवाड़ी का रहने वाला फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव शहीद हो गया। नौजवान 28 वर्षीय सिद्धार्थ की 23 मार्च को ही सगाई हुई थी। वह अपने पिता का इकलौता बेटा था। वह गत 31 मार्च को वे रेवाड़ी से छुट्टी पूरी कर जामनगर एयरफोर्स स्टेशन पहुंचे था। रेवाड़ी में जब इस दुर्घटना की सूचना मिली तो शोक की लहर दौड़ गई। आज उनकी पार्थिव देह रेवाड़ी के सेक्टर-18 में पहुंचने की उम्मीद है। इसके बाद पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव भालखी-माजरा ले जाया जाएगा, जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा। अंतिम सांस तक लड़े सिद्धार्थ शहीद लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव के मामा के लड़के सचिन यादव ने बताया है कि 2 अप्रैल की रात फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ रूटीन सॉर्टी के लिए जगुआर विमान लेकर निकले थे। उनके साथ अन्य साथी मनोज कुमार सिंह भी था। इसी दौरान जगुआर में कुछ तकनीकी खराबी आई। इसके बाद इसे सही से लैंड करने की तमाम कोशिशें की गईं, लेकिन एक समय ऐसा आया जब पता चल गया कि विमान क्रैश होना निश्चित है। इसके बाद अपनी जान की परवाह किए बगैर सिद्धार्थ ने साथी को इजेक्ट कराया और विमान कहीं घनी आबादी में न गिरे, इसके लिए प्रयास शुरू किया। वह विमान को खाली जगह में ले गया, और अंत में विमान क्रेश होने पर वीरगति को प्राप्त हो गया 4 पीढ़ीयो से परिवार सेना में सेवा दे रहा सचिन यादव ने बताया है कि सिद्धार्थ के परदादा बंगाल इंजीनियर्स में कार्यरत थे, जो ब्रिटिशर्स के अंडर आता था। सिद्धार्थ के दादा पैरा मिलिट्री फोर्सेस में थे। इसके बाद इनके पिता भी एयरफोर्स में रहे। वर्तमान में वह LIC में कार्यरत हैं। सिद्धार्थ चौथी पीढ़ी थी, जो सेना में सेवाएं दे रही थीं। 2016 में NDA में हुआ था चयन सिद्धार्थ ने 2016 में NDA की परीक्षा पास की थी। इसके बाद 3 साल का प्रशिक्षण लेकर उन्होंने बतौर फाइटर पायलट वायुसेना जॉइन की थी। उन्हें 2 साल बाद प्रोमोशन मिला था, जिससे वह फ्लाइट लेफ्टिनेंट बन गए थे। 2 नवंबर को शादी होने वाली थी 23 मार्च को ही सिद्धार्थ की सगाई हुई थी। इसके बाद पूरा परिवार सिद्धार्थ की शादी का इंतजार कर रहा था। 2 नवंबर को उनकी शादी तय हुई थी, लेकिन 2 अप्रैल की रात अनहोनी की सूचना आई और परिवार सहित पूरा रेवाड़ी गम में डूब गया। शहीद सिद्धार्थ यादव के पिता सुशील यादव मूल रूप से रेवाड़ी के गांव भालखी माजरा के रहने वाले हैं। वह लंबे समय से रेवाड़ी में ही रह रहे हैं। बेटे की शादी के लिए ही उन्होंने सेक्टर-18 में घर बनाया था। इसी घर पर बेटे की शादी होनी थी। लेकिन, अब घर पर सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है। सिद्धार्थ बड़े बेटे थे. उनकी एक छोटी बहन हैं। खुले मैदान में क्रैश हुआ था प्लेन बता दें कि गुजरात के जामनगर में बुधवार रात करीब साढ़े 9 बजे एयरफोर्स का जगुआर फाइटर प्लेन क्रैश हो गया। प्लेन ने जामनगर एयरफोर्स स्टेशन से उड़ान भरी थी। हादसे में पायलट सिद्धार्थ यादव की मौत हो गई, जबकि साथी मनोज कुमार सिंह को घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रैक्टिस मिशन के दौरान स्टेशन से उड़ान भरने के बाद प्लेन जामनगर सिटी से करीब 12KM दूर सुवरदा गांव के एक खुले मैदान में क्रैश हुआ। क्रैश के बाद प्लेन के कई टुकड़े हो गए और उनमें आग लग गई। घटना के तुरंत बाद ही ग्रामीण मौके पर पहुंच गए थे। लोगों ने ही घायल जवान की मदद की और पुलिस को घटना की जानकारी दी।

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