2025-04-01 17:23:03
उपायुक्त श्रीमती नैंसी सहाय द्वारा कृषि उत्पादक कंपनी के निदेशकों को छह लाख उनसठ हजार मात्र (6,59,000) का चेक प्रदान किया गया। जीटी भारत की टीम को उपायुक्त द्वारा निर्देश दिया गया कि वह बाकी कृषि उत्पादक कंपनी को भी यह अनुदान दिलाने के लिए समर्थन दें उन्होंने जीटी भारत के प्रयासों की सराहना की। जीटी भारत की तरफ से संजीव कुमार, रकम प्रशांत एवं दीपक चिकने उपस्थित रहे। एफपीसी से बिनेश कुमार दांगी, अश्विनी कुमार, जयहिंद कुमार और श्याम नंदन किशोर उपस्थित रहे कृषि उत्पादक कंपनी कृषि उत्पादक कंपनी या उत्पादक संघ किसानों का एक समूह होता है जो किसानों को बाजार, टेक्नोलॉजी और पूंजी तक बेहतर पहुंच प्राप्त करने में मदद करती है। इस प्रकार का उद्यम मूल रूप से एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी और एक सहकारी समूह का मिश्रण है, जो अपने किसान सदस्यों की सामूहिक बिज़नेस गतिविधियों को सुविधाजनक बनाता है. एफपीसी का मुख्य उद्देश्य उत्पादकों के लिए उनके स्वयं के संगठन के माध्यम से बेहतर आय सुनिश्चित करना है। पूरे देश में कृषि उत्पादक कंपनियों का गठन किसानों को सशक्त बनाने के लिए किया जा रहा है। देश में लगभग 42000 कृषि उत्पादक कंपनी का गठन मार्च 2024 तक किया जा चुका है। हजारीबाग जिले में भी लगभग 40 से अधिक ऐसी कंपनियां रजिस्टर्ड है । इन सभी कंपनियों को आगे बढ़ाने तथा वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए झारखंड सरकार ने “Grant to FPOs” योजना वित्तीय वर्ष 2023-24 में लॉन्च की थी। इस योजना के अंतर्गत 15 लाख तक के वन टाइम मैचिंग इक्विटी ग्रांट देने का प्रावधान तथा उसके पश्चात आने वाले 4 वर्षों तक उनके वित्तीय रिपोर्ट और लाभ के आधार पर 10 लाख तक के वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है । इस योजना के अंतर्गत जिले में अभी तक 18 कंपनियों ने पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन किया है, जिसमें से 9 कृषि उत्पादक कंपनियों को डिस्ट्रिक्ट लेवल मॉनिटरिंग कमेटी के द्वारा स्वीकृति प्रदान कर राज्य भेजा गया। बिल और मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन समर्थित जीटी भारत द्वारा आत्मनिर्भर हजारीबाग कार्यक्रम के तहत OHMA प्रोग्रेसिव फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड का गठन किया गया था और हजारीबाग जिले में राज्य सरकार के योजना का लाभ लेने वाली पहली एफपीसी बन गई है।